Rometic poem [andaz tumhare jaisa tha]



 अंदाज़ तुम्हारे जैसा था


बारिश की तरह बूंदों ने जब

दस्तक दी दरवाजे पर

महसूस  हुआ तुम आये हो ..

अंदाज़ तुम्हारे जैसा था


हवा के हलके झोके ने जब

आहात की खिड़की पर

महसूस  हुआ  तुम  चलते हो ...

अंदाज़ तुम्हारे जैसा था


मैंने बूंदों को अपने हाथ पे टपकाया तो

एक सर्द सा क्यों एहसास हुआ....

की लफ्ज़ तुम्हारे जैसा था


मैं तनहा चला जब बारिश मई

एक झोके ने मेरा साथ दिया

मई समझा तुम हो साथ मेरे

एहसास तुम्हारे जैसा था




फिर रुक गई वो बारिश भी

और रही न बाकि आहात भी

मई समझा मुझे तुम छोड़ गई...

अंदाज़ तुम्हारे जैसा था.




बारिश की तरह बूंदों ने जब

दस्तक दी दरवाजे पर

महसूस हुआ तुम आये हो...

अंदाज़  तुम्हारे जैसा था l

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